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राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने यूपी के सभी आठ निवर्तमान सदस्यों को हटाया, हरदीप पुरी और बी.एल. वर्मा भी बाहर

भाजपा ने उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए आठ नए उम्मीदवार उतारे हैं और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बी.एल. वर्मा समेत सभी आठ निवर्तमान सदस्यों को हटा दिया है। 12 सीटों के लिए मतदान 16 अक्टूबर को है।

रात में रोशनी से सजा लखनऊ का उत्तर प्रदेश विधान भवन
लखनऊ का विधान भवन, जहां उत्तर प्रदेश के विधायक राज्यसभा चुनाव में वोट डालेंगे। (फ़ाइल फ़ोटो) फ़ोटो: Mohammad Azahar / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए आठ नए उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं और राज्य से अपने सभी आठ निवर्तमान सदस्यों को हटा दिया है, जिनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बी.एल. वर्मा भी शामिल हैं।

ऑल इंडिया रेडियो के मुताबिक़, पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार के नामों को मंज़ूरी दी। नामांकन दाख़िल करने का आख़िरी दिन 6 अक्टूबर था।

कौन अंदर, कौन बाहर

ऑर्गनाइज़र के मुताबिक़, दोनों मंत्रियों के अलावा जिन निवर्तमान सदस्यों को दोबारा मौक़ा नहीं मिला, उनमें अरुण सिंह, बृजलाल, नीरज शेखर, गीता शाक्य, सीमा द्विवेदी और पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा शामिल हैं।

अख़बार के मुताबिक़, नई सूची में सीटें राज्य के अलग-अलग इलाक़ों और समुदायों में बांटी गई हैं। लोध समुदाय से धर्मपाल सिंह और बरेली अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की अध्यक्ष, कुर्मी समुदाय की श्रुति गंगवार रुहेलखंड का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रकाश पाल कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के पाल समुदाय से हैं। राधाकांत ओझा और गोपी कृष्ण पांडेय ब्राह्मण हैं, ओझा का जुड़ाव पूर्वांचल से है। बाराबंकी की पूर्व लोकसभा सांसद प्रियंका सिंह रावत और पूर्वांचल से विद्यासागर सोनकर दलित हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राम प्रताप सिंह चौहान पार्टी के पूर्व प्रदेश महामंत्री हैं।

गणित

उत्तर प्रदेश विधानसभा में 403 सीटें हैं, जिनमें सात ख़ाली हैं, यानी 396 विधायक वोट डालेंगे। ऑर्गनाइज़र के मुताबिक़, एक सीट जीतने के लिए उम्मीदवार को पहली वरीयता के 37 वोट चाहिए, और इस हिसाब से भाजपा के दस में से आठ और समाजवादी पार्टी के दो सीटें जीतने की उम्मीद है।

शफ़क़ना के मुताबिक़, समाजवादी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों में निवर्तमान सदस्यों में शामिल पार्टी महासचिव राम गोपाल यादव को फिर से उतारा है, और कहा कि उसके उम्मीदवार पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पर्चा भरेंगे। पार्टी के पास कांग्रेस के समर्थन से दो सीटें जीतने लायक़ संख्या है, जैसा उसने 2024 के राज्यसभा चुनाव में किया था, जब उसने कांग्रेस सहयोगियों के साथ दो उम्मीदवार जिताए थे।

नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी और नाम वापसी की आख़िरी तारीख़ 9 अक्टूबर है। 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन मतगणना।

तीन राज्यों में बारह सीटें

चुनाव आयोग ने 29 सितंबर को द्विवार्षिक चुनावों की अधिसूचना जारी की: उत्तर प्रदेश की दस और उत्तराखंड की एक सीट, साथ ही पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव। नामांकन उसी दिन शुरू हुए। ऑल इंडिया रेडियो के मुताबिक़, निवर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को ख़त्म हो रहा है; भाजपा सदस्यों के अलावा इनमें बसपा के रामजी और उत्तराखंड से नरेश बंसल शामिल हैं।

ऑल इंडिया रेडियो के मुताबिक़, 4 अक्टूबर को भाजपा ने उत्तराखंड सीट के लिए दिनेश आर्य और पश्चिम बंगाल सीट के लिए कोयल मल्लिक के नाम से मशहूर फ़िल्म स्टार रुक्मिणी मल्लिक को उम्मीदवार बनाया; पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने दोनों नामों को मंज़ूरी दी। इंडिया टीवी के मुताबिक़, दिग्गज अभिनेता रंजीत मल्लिक की बेटी मल्लिक बंगाल की सबसे जानी-मानी फ़िल्मी हस्तियों में से हैं। इंडिया टीवी के मुताबिक़, मल्लिक ने 16 जुलाई को राज्यसभा से इस्तीफ़ा दिया था, जिससे वह सीट ख़ाली हुई जिस पर वह अब चुनाव लड़ रही हैं। चुनावों की अधिसूचना के समय ऑल इंडिया रेडियो ने इस रिक्ति को तृणमूल कांग्रेस सांसद रुक्मिणी मल्लिक के इस्तीफ़े से जोड़ा था।

राज्यसभा सदस्य राज्य के विधायक चुनते हैं, इसलिए नतीजे आम तौर पर हर विधानसभा में दलों की ताक़त के हिसाब से आते हैं। उत्तर प्रदेश में 9 अक्टूबर की नाम वापसी की समय सीमा के बाद मैदान में बचे उम्मीदवारों की संख्या बताएगी कि 16 अक्टूबर को मुक़ाबले की ज़रूरत है या नहीं।

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